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Nora Fatehi Sarke Chunar Teri Sarke Controversy: ‘मुझपे न गिराना…’ नोरा फतेही के गाने ने लांघी बेशर्मी की सारी हदें, लोग बोले इसे फौरन बेन करो

Nora Fatehi Sarke Chunar Teri Sarke Controversy

Nora Fatehi Sarke Chunar Teri Sarke Controversy: 15 मार्च 2026 को रिलीज हुए गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ ने सोशल मीडिया पर तूफान मचा दिया है। अपकमिंग पैन-इंडिया फिल्म केडी: द डेविल (KD: The Devil) का यह स्पेशल डांस नंबर नोरा फतेही और संजय दत्त को फीचर करता है। गाने को मंगली ने गाया है, लिरिक्स रकीब आलम (या फिल्म डायरेक्टर प्रेम) के बताए जा रहे हैं और म्यूजिक अर्जुन जन्या ने कंपोज किया है। नोरा फतेही लहंगा-चोली में अपनी सिग्नेचर हॉट डांस स्टाइल के साथ नजर आ रही हैं, लेकिन गाने के डबल मीनिंग लिरिक्स और सजेस्टिव कोरियोग्राफी ने इसे भारी आलोचना का शिकार बना दिया।

लोगों का कहना है कि यह गाना अश्लीलता की सारी हदें पार कर चुका है। परिवार के साथ बैठकर न तो इसे देखा जा सकता है और न ही सुना जा सकता है। सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप्स के बाद यूजर्स ने इसे “पोर्न से भी ज्यादा घटिया” बताते हुए फौरन बैन करने की मांग की है। कई ने सेंसर बोर्ड की भूमिका पर सवाल उठाए हैं कि ऐसे गाने मेनस्ट्रीम में कैसे पास हो जाते हैं।

गाने के लिरिक्स और डांस मूव्स की डिटेल

गाने के बोलों में भारी डबल मीनिंग है। कुछ लाइन्स जैसे “पहले उठाले, अंदर वो डाले… नीचे एक बूंद न गिराए” और “चूसेगा या चाटेगा, जो करेगा कर” को यूजर्स ने बेहद अश्लील और सेक्शुअल इनुएंडो से भरा बताया है। ये लिरिक्स शराब की बोतल से महिला की तुलना करते हुए क्रूड तरीके से लिखे गए प्रतीत होते हैं।

नोरा फतेही (Nora fatehi) के सजेस्टिव डांस मूव्स और संजय दत्त के साथ का पेयरिंग भी आलोचना का विषय बना। दर्शक कह रहे हैं कि वेटरन एक्टर संजय दत्त जैसे दिग्गज कलाकार को ऐसे गाने में देखना हैरान करने वाला है। गाने का वीडियो रिलीज होते ही यूट्यूब पर वायरल हुआ, लेकिन भारी बैकलैश के बाद इसे प्राइवेट कर दिया गया।

सोशल मीडिया पर भड़के यूजर्स, बैन की मांग तेज

सोशल मीडिया यूजर्स ने गाने को “कमर्शियल सॉन्गराइटिंग की नई गिरावट” करार दिया। एक यूजर ने लिखा, “क्या भारत में कोई सेंसर बोर्ड भी है? ऐसे अश्लील, डबल मीनिंग वाले गाने मेनस्ट्रीम में कैसे आ जाते हैं?” दूसरे ने कहा, “यह गाना टेम्पो, बसों, दुकानों और हर सार्वजनिक जगह पर बजाया जाएगा। सोचिए कितनी लड़कियां और महिलाएं इससे असहज महसूस करेंगी। इसे फौरन बैन किया जाना चाहिए।”

कई यूजर्स ने महिलाओं की गरिमा और युवा पीढ़ी पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव का जिक्र किया। कुछ ने इसे “मानसिक रोगियों की मनोविकृति” बताया और कहा कि समाज में ऐसी गंदगी नहीं फैलने देंगे। नेशनल ह्यूमर राइट्स कमीशन (NHRC) के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “कौन सभ्य परिवार साथ बैठकर यह देख सकता है? बॉलीवुड से नैतिकता की अपेक्षा तो है ही नहीं परंतु सेंसर बोर्ड द्वारा अश्लीलता को लाइसेंस देना शर्मनाक है। यह मानसिक रोगी अपनी मनोविकृतियों से पीढ़ियों को बर्बाद कर रहे हैं। उनका कहना है कि हमलोग इस गंदगी को समाज में बिल्कुल फैलने नहीं देंगे। साथ ही कार्यवाही के लिए नोटिस जारी करने की भी बात कही गई है।

अरमान मलिक का रिएक्शन, बोले- कमर्शियल सॉन्गराइटिंग हिट ए न्यू लो

पॉपुलर सिंगर अरमान मलिक ने भी गाने पर निराशा जताई। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “This showed up on my timeline and I had to replay it just to make sure I heard it right. Sad to see commercial songwriting hit a new low.” अरमान का यह रिएक्शन वायरल हो गया और कई लोगों ने इसे सपोर्ट किया। उनका कहना था कि ऐसे गाने संगीत उद्योग के स्तर को गिरा रहे हैं।

सूचना प्रसारण मंत्रालय को शिकायत, कार्रवाई की संभावना

विवाद बढ़ने के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को शिकायत भेजी गई है। कई संगठनों और आम नागरिकों ने गाने पर सख्त कार्रवाई की मांग की। कुछ यूजर्स ने इसे कानपुर या अन्य जगहों पर सार्वजनिक रूप से बजाए जाने की आशंका जताई और कहा कि इससे महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान प्रभावित होगा।

नोरा फतेही की आइटम सॉन्ग्स Sarke Chunar Teri Sarke की पुरानी विवादास्पद हिस्ट्री

नोरा फतेही इससे पहले भी कई हॉट डांस नंबर्स के लिए चर्चा में रहीं हैं। उनकी एनर्जी और डांस स्किल्स की तारीफ होती है, लेकिन अक्सर उनके गाने अश्लीलता या ऑब्जेक्टिफिकेशन के आरोपों से घिरते हैं। इस बार विवाद लिरिक्स पर ज्यादा केंद्रित है। फिल्म केडी: द डेविल का निर्देशन प्रेम कर रहे हैं और इसमें ध्रुवा सरजा, संजय दत्त, शिल्पा शेट्टी समेत कई बड़े नाम हैं। यह पैन-इंडिया फिल्म कन्नड़, हिंदी, तमिल, तेलुगु और मलयालम में रिलीज होने वाली है।

बॉलीवुड में बढ़ती अश्लीलता पर सवाल

यह विवाद बॉलीवुड और साउथ सिनेमा में आइटम सॉन्ग्स की क्वालिटी पर बड़े सवाल उठाता है। कई लोग पूछ रहे हैं कि व्यूज और कमर्शियल सक्सेस के चक्कर में क्या क्रिएटिविटी और नैतिकता की बलि चढ़ाई जा रही है? बिपाशा बासु, मल्लिका शेरावत या कटरीना कैफ के पुराने आइटम सॉन्ग्स से तुलना करते हुए यूजर्स कह रहे हैं कि पहले के गाने कम से कम डबल मीनिंग से परे थे।

कुछ डिफेंडर्स का तर्क है कि यह सिर्फ एंटरटेनमेंट है और ऑडियंस को चॉइस है कि देखें या न देखें। लेकिन बहुमत का मानना है कि मेनस्ट्रीम सिनेमा में ऐसे कंटेंट बच्चों और परिवारों पर बुरा असर डालता है। लिरिक्स राइटर रकीब आलम ने हाल ही में चुप्पी तोड़ी और स्पष्टीकरण दिया है, लेकिन विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा।

बैन संभव या सिर्फ ट्रोलिंग?

अभी तक फिल्म टीम या नोरा फतेही की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर #BanSarkeChunarTeriSarke जैसे ट्रेंड्स चल रहे हैं। अगर NHRC या मंत्रालय सक्रिय हुआ तो गाने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

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